बोर्ड के बच्चों के नाम प्रेरक संदेश

ये साल तुम्हारा खास है,
सपनों का विश्वास है,
किताबें हैं, कुछ मुश्किलें हैं,
लेकिन मंज़िल भी पास है।

कभी सवाल समझ न आए,
कभी मन पढ़ने से घबराए,
ऐसे समय में खुद से कहना—
“मैं हार नहीं मानूँगा,
मैं फिर से कोशिश करूँगा।”

जो आज किताबों में खोएगा,
वही कल दुनिया में चमकेगा,
जो आज समय की कद्र करेगा,
वही कल अपना नाम करेगा।

कुछ दिन मोबाइल कम कर देना,
कुछ ख्वाहिशों को थाम लेना,
क्योंकि ये वक्त लौटकर
फिर कभी नहीं आएगा।

तुम्हारे माँ-पापा की आँखों में
कुछ सपने पलते हैं,
तुम्हारी छोटी-सी सफलता पर
उनके चेहरे खिलते हैं।

इसलिए सिर्फ नंबर के लिए नहीं,
अपने भविष्य के लिए पढ़ना,
अपने आप से किया हुआ
हर एक वादा पूरा करना।

अगर गिरो तो उठ जाना,
अगर थको तो रुक जाना,
लेकिन मंज़िल छोड़कर
कभी वापस मत आना।

बारहवीं आखिरी पड़ाव नहीं,
ये तो नई शुरुआत है,
आज परीक्षा की तैयारी है,
कल जिंदगी की बारी है।

मेरे बच्चों के लिए शिक्षक का संदेश

मैं तुम्हारा शिक्षक हूँ,
इसलिए तुम्हें सिर्फ पढ़ाना नहीं चाहता,
मैं चाहता हूँ कि तुम जिंदगी में
अच्छे इंसान बनो, अपने पैरों पर खड़े हो
और खुद पर गर्व करना सीखो।

तुम्हारे नंबर तुम्हारी पूरी पहचान नहीं हैं।
हाँ, मेहनत करना जरूरी है,
अपना सर्वश्रेष्ठ देना जरूरी है,
लेकिन परिणाम से भी ज्यादा जरूरी है
ईमानदारी से अपनी कोशिश करना।

कभी यह मत सोचना कि
तुम दूसरों से कम हो।
तुम्हारे अंदर भी बहुत क्षमता है—
बस उसे मेहनत और अनुशासन से
बाहर लाने की जरूरत है।

याद रखना बच्चों,
आज मैं तुम्हें पढ़ा रहा हूँ,
कल तुम अपनी-अपनी मंज़िल पर होंगे।
शायद मैं हर कदम पर तुम्हारे साथ न रहूँ,
लेकिन मेरी शुभकामनाएँ हमेशा तुम्हारे साथ रहेंगी।

तुम मेहनत करो,
ईमानदारी से आगे बढ़ो,
और अपने माता-पिता, अपने शिक्षक
और सबसे पहले खुद को
अपने ऊपर गर्व करने का अवसर दो।

तुम कर सकते हो…
तुम जरूर कर सकते हो। ❤️

— राहुल कुमार सोनी
M.Sc. | B.Ed. | M.Ed. | STET | CTET Qualified
Director — Education Corner HB
Hasan Bazar, Bhojpur, Bihar

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