सालों से इंसानियत की मिसाल पेश कर रहे हैं बिहिया के अविनाश कुशवाहा, बेसहारा और जरूरतमंदों का बने हैं निस्वार्थ सहारा

बिहिया (भोजपुर)। समाज सेवा किसी एक दिन या किसी खास अवसर तक सीमित रहने वाला कार्य नहीं, बल्कि इंसान के भीतर मौजूद संवेदना और जिम्मेदारी की निरंतर अभिव्यक्ति है। बिहिया…

मेरी कक्षा के दो सितारे

किसी शिक्षक के लिए इससे बड़ा सौभाग्य शायद ही कुछ हो कि उसकी कक्षा में प्रतिभा केवल दिखाई ही न दे, बल्कि रोज़ उसके सामने आकार लेती रहे। किताबों के…

लेख : धैर्य ही आपकी सफलता का परिणाम है

अक्सर हम देखते हैं कि बहुत से बच्चे अच्छी पढ़ाई करके अच्छे अंक प्राप्त करते हैं, यहाँ तक कि मेरिट में भी अपना स्थान बनाते हैं। लेकिन आगे चलकर जब…

हिंदी को दिखावे से नहीं, मन से आत्मसात करें

हिंदी को दिखावे से नहीं, मन से आत्मसात करें 14 सितंबर को हम ‘हिंदी दिवस’ के रूप में मनाते हैं। यह दिन हमारे लिए विशेष महत्व रखता है। विद्यालयों, महाविद्यालयों…

सालों बाद फिल्म देखी, हनुमान अंश, सुकून महसूस हुआ

सालों बाद फिल्म देखने गया था, सोचा हनुमान जी पर केंद्रित है, बैठ सकता हूं इतनी देर टॉकीज में और वही हुआ, पहली बार झाबुआ में नया टॉकीज देखा वैसे…

समाजसेवा : बदलाव की एक छोटी-सी शुरुआत

“समाजसेवा : बदलाव की एक छोटी-सी शुरुआत” लेख समाजसेवा केवल बड़े-बड़े कार्य करने का नाम नहीं है। किसी जरूरतमंद के चेहरे पर मुस्कान लाना, किसी बच्चे को पढ़ने के लिए…

विश्वकर्मा पूजन : शिल्प से विज्ञान तक भारतीय ज्ञान परम्परा का अद्भुत संगम

ज्योतिषाचार्य अरुण कुमार मिश्र (“ज्योतिष: जीवन पथ का विज्ञान” ग्रन्थ के लेखक और प्रेरक वक्ता)। भारतीय संस्कृति में प्रत्येक उत्सव केवल सामाजिक अथवा धार्मिक आयोजन नहीं होता, अपितु उसके भीतर गहन…

संस्मरण – एक दीपक जो आज भी जल रहा है : श्री युगल किशोर अग्रवाल जी की जीवन-गाथा

6 अक्टूबर हमारे परिवार के लिए वर्ष के अन्य दिनों की तरह बीत जाने वाली कोई सामान्य तारीख नहीं है। यह वह दिन है, जो स्मृतियों के आकाश में एक…