एक बहन की विदाई

एक बहन की विदाई बरसों का साथ निभाया हमने, हँसी-खुशी के दिन बिताए थे। खेल-कूद और छोटी-छोटी बातें, यादों के फूल बन आए थे। लड़ते-झगड़ते, रूठते-मनाते, दिन कैसे बीत जाते…

“तुम जो कहो तो”

“तुम जो कहो तो” तुम जो कहो तो दिल की बातें, तुमसे थोड़ी कर लूं मैं… तुम मुझपे मर लो थोडा़ थोड़ा, थोड़ा तुमपे मर लूं मैं… हो अगर इजाजत…

दीप साखी

आज मैं देख्यो, राधा-किसन कूँ बन में। बाँसुरी बजाये मोहन, प्रेम पागे मोहिनी कै दृगन में। घघरी ह्वै घूम रही, प्रिया नाचे गाय रही। देखन तै दोनों, मोरी लौ हिल-हिल…

मौन में हम ढले हैं तुम्हारे लिए

रास्तों से लड़े हैं तुम्हारे लिए जाने कब से खड़े हैं तुम्हारे लिए थक गए हैं निहार कर पथ नयन आँसुओं में ढले हैं तुम्हारे लिए मौज में हम बहे…

नर भेड़िया

नर भेड़िया सुबह-सुबह की अखबार में, कुछ छपी थी पंक्तियाँ, न्यूज चैनलों के एपिसोड में, कुछ सुनी थी पंक्तियाँ!! दरिंदों के एक भीड़ में, उठी थी फिर वही हवस की…

हिंदी की हुंकार उपशीर्षक: “माँ भारती की आवाज़, करोड़ों दिलों का गर्व और भारत की आत्मा—हिंदी के सम्मान, स्वाभिमान और भविष्य को समर्पित एक राष्ट्रप्रेमी कविता।”

सुनो दुनिया! आज फिर हिंदी की हुंकार उठी है, भारत माँ के माथे पर, हिंदी की ललकार उठी है! यह केवल शब्द नहीं हैं — यह करोड़ों दिलों की आवाज़…

नदियों की पुकार

नदियों की पुकार स्वार्थ में अंधे हो चुके मानव, क्या तुम्हें नदियों की पुकार सुनाई नहीं देती? कभी जो नदियाँ जीवन का आधार थीं, आज वही तुम्हारी लापरवाही से गंदगी…

रक्षाबंधन

रक्षाबंधन क्या होता है रक्षाबंधन? क्या है वास्तव में रक्षाबंधन का अर्थ? क्या सिर्फ इतना कि हर बहन अपने भाई की कलाई पर महंगी से महंगी राखी बाँधे, और बदले…

सब खोखला हैं।

सब खोखला है। जहाँ मन न मिले, वहाँ तन को भी खड़ा मत करो। जहाँ शांति और सुकून न मिले, वहाँ हर पल “जी हुजूर” कहना छोड़ दो। यहाँ आपकी…

कुछ आज के भूत

कुछ आज के भूत कुछ आज के भूत कुछ कल के भूत दिख रहें है चारों तरफ सबके सब भूत ही भूत। जैसे चोर को दिखते सारे चोर मैं भी…